जॉर्डन में सन्त जॉन पौल द्वितीय की पवित्रभूमि की यात्रा की याद

जॉर्डन में सन् 2000 में सम्पन्न सन्त जॉन पौल द्वितीय की पवित्रभूमि की तीर्थयात्रा की रजत जयन्ती मनाई गई। सन्त पापा सन्त जॉन पौल जॉन पॉल द्वितीय की पवित्र भूमि की तीर्थयात्रा की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर उनकी तीर्थयात्रा और उसकी विरासत को याद किया।

वाटिकन सिटी

जॉर्डन, शुक्रवार, 21 मार्च 2025 (वाटिकन न्यूज़): जॉर्डन में सन् 2000 में सम्पन्न सन्त जॉन पौल द्वितीय की  पवित्रभूमि की तीर्थयात्रा की रजत जयन्ती मनाई गई।  सन्त पापा सन्त जॉन पौल जॉन पॉल द्वितीय की पवित्र भूमि की तीर्थयात्रा की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर, जैरूसालेम के लैटिन पैट्रियार्केट के जॉर्डनियन पुरोहित फादर रिफात बदर ने उस तीर्थयात्रा और उसकी विरासत को याद किया।

जीवंत स्मृति

 

फादर रिफ़ बदर ने कहा कि सन् 2000 में सन्त पापा जॉन पॉल द्वितीय की जॉर्डन प्रेरितिक यात्रा की स्मृति अभी उनके दिलों में तरोताज़ा है। उन्होंने बताया कि वे उस समय स्थानीय काथलिक कलीसिया के प्रवक्ता के रूप में काम करते थे और उन्होंने महान जयंती वर्ष में महान सन्त पापा की यात्रा के विशाल महत्व को महसूस किया था। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के उपलक्ष्य में, हमने 20-21 मार्च को समारोह आयोजित किये हैं क्योंकि वह यात्रा ऐतिहासिक और एक पवित्र यात्रा से कम नहीं थी।

विश्वास और क्षमा के गुण

फादर बदर ने कहा कि वह यात्रा प्रभु येसु मसीह के जन्म की द्वि-शताब्दी की वैश्विक स्मृति का प्रतीक थी और सन्त पापा जॉन पौल द्वितीय उस वर्ष पवित्र भूमि का दौरा किए बिना “बाईपास” नहीं करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि सन्त जॉन पौल द्वितीय की यात्रा हमें उन महत्वपूर्ण तथ्यों का अनवरत स्मरण दिलाती है कि जिन्हें अब भुला दिया गया है: विश्वास के गुण और अपने शत्रुओं को क्षमा करने की परम आवश्यकता।”

सन्त जॉन पौल के शब्दों को याद कर फादर बदर ने कहा कि काथलिक कलीसिया यह नहीं भूलती कि उसका प्राथमिक कर्तव्य आध्यात्मिक है, लेकिन वह मानवीय गरिमा को बनाए रखने के लिए सद्भावना रखने वाले सभी शुभचिन्तकों, व्यक्तियों और संस्थाओं के साथ सहयोग के लिए तैयार है।

उन्होंने याद कि सन्त जॉन पौल ने जॉर्डन में धार्मिक स्वतंत्रता की प्रशंसा की थी जो सभी नागरिकों को देश की भलाई, उसके भविष्य और स्थिरता के लिए काम करने की अनुमति देती है।